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Poems on World Environment Day in Hindi

Poems on World Environment

जीवन का आधार है वृक्ष

जीवन का आधार है वृक्ष।

धरती का श्रृंगार है वृक्ष।

प्राण वायु दे रहे सभी को,

ऐसे परम उदार है वृक्ष।

ईश्वर के अनुदान है वृक्ष।

फल फूलो की खान है वृक्ष।

औषधि से भरपूर है वृक्ष।

ऐसे दिव्य महान है वृक्ष।

देते शीतल छाया वृक्ष।

लाखों जीव बसेरा करते,

जैसे सुन्दर गाँव है वृक्ष।

जन जीवन के साथ है वृक्ष।

खुशियों की बरसात है वृक्ष।

सभी के योगदान से धरती पर,

ले आते है ढेरों वरदान ये वृक्ष।

जीव जगत की भूख मिटाते,

स्वस्थ-स्वादिष्ट खान ले आते है वृक्ष।

बारिश धूप सब सह जाती ये वृक्ष।

देने को हमें आक्सीजन भरपूर,

बिजली आंधी-तूफान में भी दटे खड़े रहते ये वृक्ष।

हमारे जीवन की सुरक्षा के लिए प्रकृति की मार भी सह जाते ये वृक्ष।

सूखे पत्ते गिर जाते है छड़ जाते है,

मांगे सिर्फ भरपूर जल ये वृक्ष।

पतझड़ में पत्ते खोकर निराश कभी ना होते ये वृक्ष।

वसंत की उम्मीद में शाखाओं से दिए रहते ये वृक्ष।

ना कभी ये बूढ़े होते, जड़े भी संग बिखेरे जाते ये वृक्ष।

ना सोचते हैं कि आगे भी किया पनप पाएंगे हम,

फिर भी हमारा जीवन खुशियों से भर देते वृक्ष।

सूख भी अगर किन्हीं कारणों से जाते ये वृक्ष।

तब भी घरों में चूल्हा जला जाते ये वृक्ष।

टहनिया , तना काला पड़ जाता फिर भी बढ़ते जाते ये वृक्ष।

बचपन भी सुनहरा बनाते क्योंकि झुला भी अपनी टहनियो झुलाते ये वृक्ष।

बना देते जो हमारा जीवन इतना सुन्दर ये वृक्ष।

फिर क्यों ना करें हम वृक्षों की देखभाल।

हमारे लिए कितना कुछ सह जाती ये वृक्ष।

देते जो इतना सब होकर निस्वार्थ ये वृक्ष।

पर्यावरण की सुरक्षा हेतु शुरुआत करनी है पौधों से,

फिर बनने भी देना इन को वृक्ष।

तोड़ना नहीं कभी इनके फल फूल पत्तों को,

सुरक्षा हमें ही वृक्षों की अब करनी हैं।

संरक्षण वृक्षों की करना हमारा भी कर्तव्य बन जाता।

आओ सब मिल कर ले प्रण,

बीज बोना शुरू करेंगे, पौधों से वृक्ष भी बनने देंगे।

करेंगे हर रोज वृक्षारोपण।

क्योंकि वृक्ष है तो जग में जीवन है।

पौधे लगाओ, पौधे लगाओ

पौधे लगाओ, पौधे लगाओ।

जितना हो सके पौधे लगाओ।

अपने आसपास हर जगह लगाओ।

जितना हो सके इन्हें बढ़ाओ।

होंगे ना सब एक जैसे पौधे।

कुछ छाड़िया, कुछ जड़ी बूटियाँ,

कुछ ऊँचे नीचे, बड़े छोटे,

कुछ फल फूलो के साथ,

तो कुछ काटे संग खुशबू बिखेरे।

सभी पौधों को विकसित होने देना।

देखभाल दिनोरात करना।

सुरक्षा भी इनकी पूरी करना।

मासूम नन्हा बालक है ये भी,

मूरछाने भी ना इनको देना।

समय-समय पर पानी देना।

पेड़ भी इनको बनने देना।

पेड़ो में होता आक्सीजन भरपूर है।

इसलिए समय-समय पर पौधे लगाना भी महत्वपूर्ण है।

पेड़बन कर देगा पौधा भी छाया।

ज़रूरी है सुरक्षित जीवन का भी होना।

धरती की भी यही पुकार,

पौधे लगाना है, पेड़ है बचाना।

ख्याल रखो उन पौधे का

ख्याल रखो उन पौधे का,

जिन्होंने ख्याल हमारा रखा।

तुम समय-समय पर पानी दो,

क्योंकि समय पर आक्सीजन उसने दिया।

समय-समय भोजन भी भरपूर दिया।

बचपन के झूले संग वृक्षों का आनंद दिया।

धूप बारिश में शीतल छाया भी इन्होंने दिया।

जिंदगी भी खूबसूरत पर्यावरण ने बना दिया।

पर्यावरण है हमारा

पर्यावरण है हमारा,इसको है बचाना।

क्योंकि पक्षियों का भी है ये राज दुलारा।

करते है जो ढेरों पक्षी अपना बसेरा।

बनाते है जो यहाँ अपना घर सारा।

गुजारते है ये यहीं अपना जीवन सारा।

बन जाता है जो इनका यहाँ जहां सारा।

पर्यावरण ही तो है अनमोल हमारा।

यही है सबके जीवन का सहारा।

कली गुलाब की

कली जो गुलाब की खिल रही है,

तोड़ कर ना मूरछाने उसको देना।

पानी देकर हर रोज तुम,

खिलने उसको पूरा देना।

महक उसकी पूरी लेना।

कांटों से भी जरा संभल रहना।

कली गुलाब की खिलने देना।

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